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बिहार में मौसम का बड़ा अलर्ट, कई जिलों में रेड और ऑरेंज चेतावनी जारी

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बिहार के कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवा और बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों को घरों में रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पटना/आलम की खबर:बिहार में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें और पूरी सतर्कता बरतें।

गुरुवार सुबह जारी चेतावनी में दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिलों को सबसे अधिक संवेदनशील मानते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया। विभाग ने कहा कि इन जिलों में तेज हवा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। कई इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अचानक मौसम बिगड़ने के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार सुबह करीब 10:35 बजे यह अलर्ट जारी किया गया था, जिसे दोपहर तक प्रभावी बताया गया। इसके कुछ ही देर बाद एक और चेतावनी जारी करते हुए खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया गया। इन जिलों में भी तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

राज्य में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है। दिन में तेज गर्मी और उमस के बाद शाम या रात के समय अचानक आंधी और बारिश का दौर शुरू हो जा रहा है। कई जिलों में तेज हवा के कारण पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान और खेतों में काम कर रहे मजदूर सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी किनारे और पेड़ों के नीचे जाने से बचें। विभाग ने कहा कि वज्रपात के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़ा होना बेहद खतरनाक हो सकता है। लोगों को सुरक्षित भवनों के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से किसानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा है कि यदि खेतों में काम के दौरान मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इसके अलावा पशुपालकों को भी अपने पशुओं को खुले स्थानों पर न छोड़ने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। इसी वजह से राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश की स्थिति बन रही है।

बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी प्रशासन विशेष सतर्क है। हर साल बिहार में वज्रपात से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी और खुले स्थानों में काम करने के कारण लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। इसी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने का अभियान चला रहा है।

विभाग ने लोगों से मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित इस्तेमाल करने की भी सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई है।

प्रशासन की ओर से सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को कहा गया है कि किसी भी दुर्घटना या नुकसान की सूचना तुरंत राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में बिहार के कई हिस्सों में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की प्रकृति तेजी से बदल रही है। अचानक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं। ऐसे में समय रहते सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है।

फिलहाल बिहार के कई जिलों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी अलर्ट और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।

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